नीतीश पर मेरी एक कविता
नमस्कार नीतीश जी हैं परेशान , इसलिए चुनाव में लगा रहे हैं पूरी जान पर आगे क्या होगा , क्या वो बना पाऐंगे अपनी पहचान । जिससे उनकी बढ़गी शान पर थोड़ी तो बिहार के बारे में सोचो । कुछ तो वहां की तरक्की का भी ख्याल कर लो । धन्यवाद