मौत से परचिय
मौत के पास जाकर कैसा लगता है, मौत को जो नहीं पता, बिलकुल वैसा लगता है l क्योंकि मौत को मौत नहीं आती है l मौत तो इंसानों को आती है l है बड़ी चालाक मौत आने का पता भी नहीं देती है, इंतजार करके फिर चुपके से दबोच लेती है l कब कौन जायेगा सब उसे पता रहता है उसके डायरी में सबका हिसाब रहता है l इसलिए कहता हूं उससे कौन बच सकता है l मौत हमेशा मुफ्त की सर्विस देती है बिना टिकट लिए ही तुम्हें उपर भेज देती है l इसलिए कहता हूं कि मजबूत बनो वो अगर आए भी तो उससे मत डरो क्योंकि एक दिन तो आनी ही है l