जोश में होश मत खो बैठो
जोश में होश मत खो बैठो सोचो,समझो ,परखो तब बोलो युवा हो सोच लो देश की प्रगति तुम पर निर्भर है आगे बढ़ो और अन्याय के खिलाफ़ तुम बोलो । कभी पत्थर पड़ेंगे तो कभी लाठियां भी झेलनी होगी इन सब कठिनाईयों के बावजूद भी तुम आगे निकलो । हो सकता है परिस्थिती बिगड़े और डराए भी पर यही तो जीवन की रीत है इसे समझो और आगे निकलो । धैर्य को समीप रखो औक कठिनाईयों को पड़े् क्योंकि इन्ही गुणों के बल पर तुम हो जाओगे औरों से बड़े ।