गरीबी को हराना होगा


गमों के बादल छाएंगे तेरे उपर
तुम्हें नींद में डराएंगे वे आकर ।
परिस्थिती भी कठिनाई में तुम्हें संवारेगी 
तुम्हें डराएगी,धमकाएगी फिर प्यार से पुचकारेगी ।

पर तुम्हें हार नहीं मानना होगा,
तुम्हें लड़ना होगा और अपने आपको समझाना होगा ।
ठोकरों की बारात लगी होगी तुम्हारे उपर 
पर तुम्हें आराम से गुजर जाना होगा उसे चकमा देकर ।

मयंक झा 

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