ये सवाल आप पर छोड़ता हूँ ।
क्या
मेनन को फाँसी मिलनी चाहिए?
यह
सवाल आप अपने आप से पूछें ? पहले मुझे भी यही लगता था कि
उसे फाँसी मिलनी चाहिए पर फिर
मेरी नजर बी.रमण
के द्वारा लिखी गई एक आलेख़
पर परी जहाँ उन्होंने मेनन
को फाँसी दिए जाने के संदर्भ
में अपनी अभिव्यक्ति रखी है
।उनके अनुसार अगर हम मेनन के
द्वारा की गई 1994
के पहले की
घटनाओं पर नज़र डालें तो लगेगा
कि उसे फाँसी मिलनी चाहिए ,
पर बाद में
जिस तरीके से उसने भारतीय जाँच
दल की मदद की -कई आतंकियों को
पकड़वाने में -वह वाकई में उसे
माफी दिलाने योग्य है ।
मैं
यही कहूंगा कि कहीं-न-कहीं
मेनन के दिल में अच्छाई उभर
कर सामने आई है । उसकी सराहना
होनी चाहिए ।न कि उसे खत्म कर
देना चाहिए ।वैसे भी सुबह का
भूला अगर भटकर शाम को घर आता
है तो उसे भूला नहीं कहते ।ये
मेरी राय है मेरी इन बातों का
बुरा मत मानिएगा ।वैसे भी जब
हम सलमान खान के लिए अपनी
दड़ियादिली पेश कर सकते हैं
, तो
मेनन साहब के लिए क्यों नहीं
।
धन्यवाद
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