सच हो जाए वो सपना

अक्सर मैं सोचता हूं कि सच हो जोए मेरा वो सपना ।हमेशा एक डर मुझे बस यही सताता है कि आँखों से कहीं ओझल हो जाए न ये सपना ।कोशिश करता हूं कि छुपा लूं इन्हें अपनी आँखों में पर फिर डर लगता है कि कहीं आँशुओं में सिमटकर बह जाए न मेरा ये सपना । पर सपने को आखिर संजोना परेगा ही क्योंकि बस यही तो है मेरा एक सपना 

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