सदन की कार्रवाई स्थगित कर फायदा किसको ?
नमस्कार
जिस
तरीके से इन दिनों सदन की
कार्रवाई स्थगित हो रही है
इससे तो यही लग रहा है कि हमारे
नेता जन देश की पिक्र कम अपनी
ज्यादा कर रहे हैं ।दोनो दलों
चाहे वो सत्तायुक्त केंद्र
सरकार हो या फिर विपक्षी दल
, हर
कोई अपना उल्लू सीधा करने में
लगा हुआ है ।सदन की कार्रवाई
पर किसी की नजर ही नहीं है जो
आजकल आपसी रंजिश का अखाड़ा
बना हुआ है ।ये दुर्भार्यपूर्ण
है कि इतना सब होने के बावजूद
हम चुप हैं ।हम करें भी तो करें
क्या ?
जो करना है
इन्हें ही करना है जो सत्तासीन
हैं और जो सत्ता के लिए जद्दोजहद
कर रहे हैं ।
न
जाने कितने बिल अभी सदन में
अटकें परे हैं जिसके बारे में
कोई नहीं सोच रहा है ।अगर जितना
बहस हम आपसी रंजिश मिटाने के
लिए कर रहे हैं,
उतनी बहस
अगर हम जरूरी मुद्दों को लेकर
करते तो देश-हित
में होता ।पर अफसोस हम इन सब
से परे आपसी हित के बारे में
ज्यादा सोचते हैं ।सुषमा और
राजे ने अगर ललित मोदी को मदद
दे भी दिया तो इसे इतना ज्यादा
बढ़ा-चढ़ा
कर पेश करने की क्या जरूरत है
।अगर ललित मोदी के बारे में
बहस करनी ही थी तो उसे सजा देने
को लेकर करनी चाहिए थी,
न की उसे
मदद देने को लेकर ।
दूसरी
बात ये कि संसद की कार्रवाई
स्थगित होने के कारण जो देश
का पैसा बर्बाद हो रगा है उसका
मूल्य कौन चुकाएगा ।
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