बोरा ने तोड़ा मोदी का साथ
आजकल कभी भी किसी पार्टी में आंतरिक मतभेद सामने आ जाता है ।हाल ही
में ये मामला बी.जे.पी में सामने आया है जहाँ उसके एक नेता प्रदयुत बोरा ने
प्रधानमंत्री मोदी के काम करने के तरीके पर सवाल उठाया है ।बोरा ने मोदी के करीबी,
अमित शाह के मनमाने रवैये पर भी नऱाजगी जताई है ।उनकी माने तो मोदी और अमित शाह,
दोनों ही पार्टी के कार्यशैली को बिगाड़ रहे हैं जिसके चलते पार्टी को भविष्य में
संकट का सामना करना पड़ सकता है ।जहाँ मोदी पार्टी के लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं, तो
वहीं शाह का जिद्दी रवैया पार्टी के लिए संकट पैदा कर सकता है ।
बोरा के इस सवाल पर प्रतिक्रिया तो आनी ही
थी, तो वो कसर असम बी.जे.पी के नेता सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने पूरी कर दी, जब
उन्होंने बोरा के इस बयान को बेबुनियाद बताया ।
अपने ठीक-ठाक बयान में उन्होंने ये कहा, “ प्रदयुत बोरा के द्वारा
लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद और मनघर्णंत हैं।फेसबुक,ट्वीटर या फिर अखबारों में
बयान देना मायने नहीं रखता, जब तक उन बयानों को पार्टा के समक्ष न रखा जाए” ।
भट्टाचार्य ने साथ में ये भी कहा है की अगर
बीजेपी पार्टी किसी भी दिक्कत में होती तो बीजेपी को असम के म्यूनिसिपल चुनावों
में जीत हाँसिल नहीं होती ।इससे ये साबित होता है की भविष्य में भी बीजेपी की
स्थिती अच्छी होने वाली है ।
बोरा ने बीजेपी पर ईलजाम लगाते हुए कहा है की
बीजेपी चुनाव जीतने के लिए किसी को भी पार्टी में शामिल कर सकती है ।उदाहरण के तौर
पर उन्होंने विवादो में घिरे हुए कांग्रेस नेता हिमंत विश्व शर्मा का नाम दिया है
।
बोरा ने यहाँ तक कहा की अब ऐसी स्थिती आ चुकी
है की पार्टी का कोई बड़ा नेता भी मोदी पर सवाल नहीं उठा सकता है ।ऐसे जैसे की
मोदी ही सब-कुछ हों ।इससे पता चलता है की मोदी का पार्टी पे पकड़ कितना गहऱा है
।उन्होंने यहाँ तक लीख दिया की जहाँ पार्टी में सभी बराबर होने चाहिए,मोदी के आने
से सभी अपने आप को नीचा समझने लगे हैँ ।मोदी के वजह से बराबरी को हक सबने लगभग खो
दिया है ।
Comments
Post a Comment