मालिक और मजदूर का भेदभाव
दोस्तों, हमारा मुल्क मालिक और मजदूर के भेदभाव में मिल गया है ।कहीं
कोई मालिक मजदूर को दबा रहा है तो कहीं कोई मजदूर मालिकाना हक के खिलाफ खड़ा हो
गया है ।मालिक, मजदूर को मसल कर पूऱा मुनाफा कमाने की होर में है, तो मजदूर भी अब
अपना हक लेने के लिए कदम आगे बढ़ा दिया है ।
ईसी आपसी तकरार ने क्रांति का रूप ले रखा है ।
ईसी आपसी तकरार ने क्रांति का रूप ले रखा है ।
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