चुनाव के ठीक एक दिन पहले
चुनाव के नतीजे आने में सिर्फ एक दिन बांकी
हैं और लोग बड़ी उत्सुक्ता से आपस में बाते कर रहें हैं की इस बार कौन ? जैसे-जैसे दिन ढ़ल रहा
है, और रात का समावेश दिल्ली को समेट रहा है,लोगों के अंदर बेचैनी बढ़ती जा रही है
की कौन सा “क” ?
केजरीवाल या फिर किरण, आखिर दोनों में से कौन
बनेगा मुख्यमंत्री ?
तिवारी बोले केजरीवाल तो मिश्रा बोले किरण ।ये
बहस लाला के बनवाड़ी की दुकान का है जहाँ दोनों इसी को लेकर भीड़ गए ।बात तब और
ज्यादा हो गई जब दोनों ने हाथापाई को चुन लिया अपना हथियार ।ये सिर्फ दिल्ली की ही
बात नहीं है ,कभी और कहीं भी, जब चुनाव के नतीजे आने के होते हैं, तो राजनितीक बहस
सास-बहू,बाप-बेटे या फिर पति-पत्नि की बहस से कहीं ऊपर ऊठ जाती है ।
घर के दीवारों पर लगे टीवी बार-बार एक ही
राजनितीक मुखौटे को दिखाते हैं ।जिसे पहनकर राजनितीकार सत्य को असत्य साबित कर
देते हैं ।
Image courtsey:cartoonistshyamjagota.blogspot.com

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