सरकार करेगी 101 जलमार्गों का निर्माण


केंद्र सरकार ने भीतरी जलमार्गों के निर्माण कार्य हेतु राज्य सरकारों से मदद मांगी है ।भारत के जलमार्ग आयोग की ये योजना है कि वे भारत में तकरीबन 101 जलमार्गों का निर्माण करे और इसी को लेकर उन्होंने राज्य सरकारों से मदद करने को कहा है ।उन्होंने राज्य सरकारों को चिठ्ठी लिखकर उनसे नदियों के वर्गीकरण की तरफ ध्यान देने को कहा है ,और साथ ही उन्हें नौसंचालन की नियमित सीमा सुनिश्चित करने को भी कहा है ।

101 जलमार्गों के निर्माण कार्य की रूपरेखा तभी बनी, जब सरकार ने अपने एक अधिनियम को पूरा किया ।बताया जा रहा है कि इस अधिनियम के तहत देश की तकरीबन 101 नदियों को राष्ट्रीय जलमार्ग का हिस्सा माना गया है ।खबरों के अनुसार, इस अधिनियम का पूरा होना एक अच्छी बात है क्योंकि इन तीस सालों में सिर्फ पाँच ही नदियाँ हैं जिनका राष्ट्रीयकरण किया गया है ।
कैबिनेट से अनुमति मिलने पर ही केंद्र सरकार नदियों के वर्गीकरण के कार्य को आगे बढ़ाएंगी, जिसके लिए वे ड्रेजिंग,टर्मिनल और बार्ब निर्माण जैसे तरीकों का सहारा लेंगी ।ये नदियाँ अभी  कई राज्य सरकारों के दायरे में है, और अक्टूबर के बाद ही सरकार इन नदियों के वर्गीकरण की सम्भावनाओं को तलाशेगी ।

अंकगणित के अनुसार, तकरीबन 16 नदियों का इस्तेमाल इस कार्य के लिए किया जा सकता है ।वहीं दूसरी 40 नदियों का इस्तेमाल हम छोटी दूरी के वर्गीकरण के लिए कर सकते हैं, और बांकि बचे 45 के लिए अभी संभाव्यता अध्ययन करना जरूरी है ।


ये एक अच्छा कदम माना जाएगा अगर इसकी पर्ति ठीक तरीके से होती है ।  

धन्यवाद

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