ईन किसानों का दर्द सुने कौन?

जब वित् मंत्री लोक सभा में अपना बजट पेश कर
रहे थे, तो क्या पता, उधर कोई और किसान खुद को मौत के हवाले कर रहा हो । जी हाँ
महाराष्ट्र में बात आम हो गई है ।इस राज्य में आए दिन कोई -न -कोई किसान खुद को
मौत के हवाले करते रहता हैं ।क्या बात है की इस राज्य की ऐसी हालत हो गई है ? क्यों यहाँ पर किसानों
का दर्द कोई सुनने वाला नहीं है ?
कारण कुछ और नहीं,बल्कि हर साल आकर डराने
वाला ये सूखा है ।इस सूखे ने समूचे ईलाके में किसानों के अंदर भय पैदा कर दिया है
।उधर सरकार ने भी कोई खास कदम नहीं उठाया है जिससे इस सूखे से निजात पाया जा सके
।भले ही कल लोक सभा में सरकार ने अपना बजट पेश किया हो,पर क्या ये बिल इन किसानों
को लाभ पहुँचा पाएगा ,ये तो वक्त ही बताएगा ।
फिलहाल इँडियन एक्सप्रेस में एक खबर छपी है,
जिसमें उन्होंने किसानों की बदहाली का जिक्र किया है ।उनकी रिपोर्ट पर जाएं तो
2014 में महाराष्ट्र के मराठवाडे ईलाके में सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की
है, जिसकी संख्या 565 के करीब बताई गई है ।वहीं अमरावती ईलाके में 117,नागपुर
प्रखंड के ईलाके में 261,पुणे में 24 ,कोंकण में 2,औरंगाबाद में 378 तो नासिक में
212 बताई गई है ।
अगर इन संख्याओं को जोड़े तो कुल समीकरण
1,965 तक पहुँच जाता है जो वाकई में चिंता का विषय है ।वहीं यातायात मंत्री नितिन गडकरी ने साफ-साफ कहा की इस
जमीन अधिकरण बिल में कोई त्रुटी की संभावना नहीं है।यह बिल किसानों को हित में
रखकर ही बनाया गया है ।
और उन्होंने ये भी कहा है की वो खुद इस विषय पर अन्ना हजारे से लेकर
उद्धव ठाकरे तक,सबसे बात कर चुके हैं।उनकी मानें तो इस बिल में किसानों के लिए
सिंचाई को लेकर आने वाली दिक्कतों से निजात पाने का उपाय बताया गया है ।सिर्फ उपाय नहीं... बल्कि
इस बिल के लागू होते ही किसानों को सिचाई की हर सुविधी मुक्म्मल कराई जाएगी,ऐसा
गडकरी का मानना है ।गडकरी की मानें तो वाकई में ये बिल चमत्कारी है ।
उधर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक च्वहाण ने गडकरी पर निशाना
साधते हुए कहा है की..वो सिर्फ बात बनाना जानते हैं ।उनका ये तथ्य की ये बिल
किसानों की परेशानी दूर कर देगा...ये सरासर गलत है ।जमीन अधिकरण बिल में बदलाव
करने से ही महाराष्ट्र या फिर भारत में किसानों की स्थिती नहीं बदलेगी ।अगर उनकी
स्थिती को सुधारणा है तो जमीनी स्तर पर कार्यवाही करनी होगी ।
image courtsey:kindlemagazine.in
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