जम्मू-कश्मीर में फिर बजी ख़तरे की घंटी





पिछले साल प्रचंड बाढ़ झेल चुका जम्मू-कश्मीर, इस बार भी इसके ख़तरे को लेकर गंभीर है ।खबरों की मानें तो, राज्य के भीतर बहने वाली झेलम नदी अपने ऊफान पर है जो कि तबाही की लकीर कभी भी छू सकती है ।झेलम के स्तर का इस तरह से उठना भारी वर्षा की देन है जिसने राज्य के कई हिस्सों को प्रभावित किया है । इस ख़तरे को देखते हुए, सुरक्षा दल की एक टीम वहाँ पहुँच गई है ,जो लोगों के बचाव को लेकर प्रतिबद्ध है ।ये अच्छा भी है कि पहले से तैयारी की जाए ।तभी जाकर राहत कार्य में कोई दिक्कत नहीं होगी ।

एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो इस बारिश ने झेलम का स्तर काफी बढ़ा दिया है ।जहाँ संगम(दक्षिण कश्मीर)इलाके में उसका स्तर 22.4 फुट रिकार्ड किया गया, तो वहीं राम मुंशी बाग(कश्मीर सिटी) में ये आंकलन 18.8 फुट पर लेखित किया गया है

इस मामले पर बोलते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि नदी के किनारे बसे लोगों को पहले ही ख़तरे की चेतावनी दे दी जा चुकी है । बुजूर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर उन्हें पहले ही राहत शिवीर में जाने को कह दिया गया है ।

साथ ही उनका ये भी कहना है- अगर पानी का मानक 23 के ऊपर जाता है तो जल्द ही राहत कार्य का अनुबंध करना होगा ।

उधर प्रधानमंत्री ने  इस विषय पर जानकारी हेतु मुख्तार अब्बास नकवी को आज कश्मीर रवाना किया है ।हमारी यही प्रार्थना है की पिछले साल वाली परिस्थिति दूबारा न उभरे ।

धन्यवाद

फोटो आभार : www.jansatta.com







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