केजरीवाल का भावात्मक संदेश
योगंद्र यादव और प्रशांत भूषण के पार्टी से
निकाले जाने पर , उनके खिलाफ़ बोलते हुए केजरीवाल ने कहा-वे दोनों पार्टी के भीतर
आंतरिक मतभेद पैदा कर रहे थे ।जब पूरी दिल्ली बहुमत के साथ हमारे लिए खड़ी है , तो
उन दोनों का हमारे खिलाफ़ होना वाकई में दु:खद है ।वो दोनों हमारे अच्छे मित्र होकर भी
पार्टी के साथ खड़े नहीं दिखे हैं ।
दिल्ली चुनाव के दौरान, इस पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई थी ।ये एक
षड्यंत्र था ताकि हम चुनाव हार जाएँ ।उनका कहना है कि प्रशांत भूषण ने कईयों को
हमारे हारने की इच्छा तक जता डाली थी ।उनके अनुसार हमें तभी अक्ल आएगी जब हम
हारेंगे ।
केजरीवाल ने साथ ही कहा- चुनाव के दौरान, हमारी मदद करने को कई साथी
दिल्ली आना चाहते थे जिन्हें रोका गया ।और भी, पार्टी के भीतर गलत अफवाहों का
प्रचार किया जिससे हम टूट जाएँ ।
केजरीवाल ने नम्न भरे स्वर के साथ ये सारी बातें कही हैं ।कुछ भी हो,
पर मेरी राय में केजरीवाल अगर पहले ही इस विषय पर पुनर्विचार करते तों , शायद इतना
झमेला न होता ।उधर अगर प्रशांत भूषण को इतनी ही दिक्कत थी, तो उन्होंने आवाज पहले
क्यों नहीं उठाया ?
केजरीवाल जी, अब कुछ आगे की सोंचो और काम करो ।
फोटो आभार: indianexpress
Third National Coucil Meeting Arvind Kejriwal Speech https://t.co/Cf84actn8A #AAP
— AAPVideos (@AAPVideos) March 29, 2015

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