मयंक की कलम से
सिसोदिया-यादव ने
तोड़ा साथ तो क्या हुआ...
दिल्ली वासियों ने
क्या गुऩाह किया था जो उन्हें सजा हुआ ।
वोट दिया था तुमको
हमने काम करने को....
तुम्हारे झगड़े ने
जैसे की हमारे अऱमानों को ही मिटा दिया ।
ग्लानि होती है अब
की तुम्हें बहुमत क्यों दिया ।
साथ चलना था तुमको
हमें आगे ले जाना था...
पर इस विवाद ने
हमारे फैसले को शर्मश़ार कर दिया ।
लोग पूछते हैं अब की
इन्हें वोट क्यों...
अब क्या बताए इन्हें
की हमारे फैसले ने हमें निचा झुका दिया ।
ख़ैर जो होना था वो
हो गया...
अब काम करो कुछ ऐसा
की हम कहें की हमारे फैसले को तुमने सही साबित किया ।
तब हम भी जवाब दे पाएंगे
इन लोगों को की हमने जो किया..वो हमारे ऩजर में हमने सही फैसला लिया ।
मयंक झा
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