बीबीसी की फिल्म पर विवाद...आखिर क्यों ?




आख़िर बात क्या हुई जो इतना हाय़ तौबा मचा है ।बात ये है की बीबीसी के लिए डाक्यूमेंट्री बनाने वाली एक महिला ने निर्भया के हत्यारे पर ही मूवी बना दिया है ।अब आप ये कहेंगे की इसमें क्या बात है ?तो भाईलोग इसमें उस हत्यारे जिसका नाम मुकेश सिंह है ....उसने रेप को सही बताया है ।और अपनी गलती के लिए माफी मांगने के बजाय ,उसका ये कहना है की... जब कोई लड़की रेप की शिकार हो तो उसे स्वयं को रेपिस्ट के हवाले कर देना चाहिए ।ये तो यही कहावत हुई... की चट भी अपनी और पट भी ।मैं ये जानना चाहता हूँ की ये बीबीसी की महिला कहाँ से आई हैं ?

क्यों अचानक उन्हें इसी टापिक पर मूवी बनाने का मन किया ।बात को लगभग चार साल भी नहीं बीते थे की....उसको कुऱेदने के लिए इस महिला का आगमन होना जरूरी था ।क्या ये महिला खुद को चर्चा में लाना चाहती थीं की उसे निर्भया मिल गई ।ये विदेशी लोगों को और कोई काम नहीं आता की हमें परेशान करने आ जाते हैं।

अरे भाई, इस देश में और भी कई दिक्कते हैं जिसका निवारण करना जरूरी है ।ये सब परेशानी लाकर ये विदेशी हमें और परेशान क्यों कर रहे हैं ।बताईए इसके चलते हमारे विधानसभा का पूरा दिन इसी टापिक पर डिबेट करने में निकल गया ।अगर वो महिला फिल्म नहीं बनाती तो आज ये दिन देखना न पड़ता ।

गुस्साईये मत, मैं ये हरगिज़ नहीं कह रहा की निर्भया विवाद मुख्य नहीं है ।मेरा तो सिर्फ यही कहना है की इस फिल्म ने गड़े मुर्दे उखाड़ दिए हैं ।ये फिल्म जो कहना चाहती है वो जानने के लिए इसे देखना जरूरी है....पर कहने के दूसरे तरीके भी होते हैं ।अगर आप सामान्य तरीके से अपनी बातों को कहती तो ये विवाद बिलकुल नहीं उठता।


इनको ये नहीं लगता की इससे वो उनके घरवालों को भी कष्ट पहुँचाना चाह रही हैं...बल्कि कष्ट पहुँचा दिया है ।हर एक घऱ जहाँ बेटियाँ हैं...वहाँ आपने दिल तोड़ा है ।मैं मानता हूँ की शायद आपके साथ ऐसा कुछ हुआ हो ...पर अपनी चीज दूसरों पर थोपना गलत है ।

image courtsey:mangaloretoday.com







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