अभिव्यक्ति की स्वायत्ता का हक मिला है हमें
सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला स्वागत योग्य है,
जिसमें उसने अभिव्यक्ति की स्वायत्ता को सही ठहराया है और उसमें कोई भी संशोधन
करने से साफ इंकार किया है ।सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय पर अपना फैसला देकर, लोगों की अभिव्यक्ति की इस आज़ादी को मिटने से बचा लिया है । किसी की परिस्थिति और मनोस्थिति
की सोंच को आप किसी कानून के अंदर कैद नहीं कर
सकते हैं ।हजारों व्यक्ति जो अब तक अपने अभिव्यक्ति की इस आजादी को लेकर डर हुए
थे, अचानक ही सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद खुश नज़र आ रहे हैं ।
आप नेता, सोमनाथ भार्ती ने भी उच्च अदालत के
इस फैसले का काफी सम्मान पूर्वक स्वागत करते हुए कहा- हमें वाकई खुशी है कि उच्चा
अदालत ने इस देश की जनता, और उसमें भी खास -कर युवाओं, को ये सम्मान दिया है ।मैं सभी
लोगों को, तहें दिल से इस फैसले के आने पर बधाई देना चाहता हूँ ।
वहीं कांग्रेस ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस
फैसले का स्वागत किया है । कांग्रेसी नेता, मनीष तिवारी ने 66(अ) के हट जाने पर खुशी जाहिर करते हुए
कहा-यह फैसला वाकई देश-हित में है, और उच्च अदालत का यह निर्णय दर्शाता है कि वे सोंचने-समझने के बाद ही किसी निर्णय़ तक पहुँचे होंगे ।
फैसला वाकई में ये साबित करता है कि हमें भी
आज़ादी है, सही-गलत की अपनी राय को लोगों तक ले जाने का ।
धन्यवाद
फोटो आभार : firstpost.com
My piece: the 3 things the Sec 66A judgment tells you - about our courts, our laws, and our future. http://t.co/4SQCdNo7V0
— Mihir Sharma (@mihirssharma) March 24, 2015
Section 66A is unconstitutional, said the Supreme Court. Follow live updates here: http://t.co/3ULorpRU63 pic.twitter.com/dOhsglppHR
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— Firstpost (@firstpost) March 24, 2015

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