"आप" की मेधा चली गईं
क्या बात है कि जिस कर्मण्यतावादी महिला के
साथ एक वक्त पूरा देश "नर्मदा बचाओ आंदोलन" को लेकर खड़ा दिख रहा था, आज उसी के चले
जाने से पार्टी को कोई फर्क महसूस नहीं हो रहा है ?जी हाँ, हम बात कर रहे हैं उस मेधा पाटकर की जिनके आने पर पार्टी मजबूत दिख रही थी, आज उसी के जाने के बाद पार्टी के
भीतर कोई भावात्मक बदलाव नहीं दिख रहा है ।मेधा पाटकर ने अपने तर्क में पार्टी के
भीतर चल रहे मनमाने गतिविधियों को इसका कारण बताया है ।और, साथ ही आज की राष्ट्रीय
कार्यकारिणी बैठक में होने वाली घटना पर भी शोध व्यक्त किया है ।
उनका कहना है- आज जो कुछ दिल्ली में हुआ , वह
वाकई में दु:खद है ।जो चीज होना नहीं चाहिए था,वह हो गया है ।योगेंद्र यादव और प्रशांत
भूषण को पार्टी से निकालना वाकई में निराश करने वाला फैसला है ।ये वही हैं
जिन्होंने पार्टी के लिए, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ी है ।उनका इस तरह से
निष्कासित होना वाकई में मेरे लिए दुखदायी है ।
जो , पार्टी इतनी बड़ी जीत हाँसिल कर लोगों
का विश्वास जितने में कामयाब हुई है ,इन सब कारणों को लेकर अपनी छवि धूमिल कर रही
है ।पार्टी को चाहिए था कि वो आपसी राय-मशवरा कर सभी मसलों का हल निकाले जो वो अब
तक करने में नाकामयाब रही हैं ।
इन सब घटनाओं की बजह से, बाहर पार्टी की बहुत
किरकिरी हुई है । ये निश्चित है कि इन सब चीजों की वजह से लोगों के भीतर भी आम आदमी पार्टी
के लिए विश्वास जरूर कम हुआ है ।अब देखना ये होगा, कि पार्टी कैसे अपनी छवि
सुघारती है ?
फोटो आभार:the hindu
Mumbai24x7 Medha Patkar Quits AAP, Condemns Insult to Prashant Bhushan and Yogendra ... - NDTV: Medha ... http://t.co/KxvB4TqUg4 #Mumbai
— mumbai24x7 (@mumbai24X7) March 28, 2015
Medha Patkar quits AAP. Follow live updates here: http://t.co/CjsR3pIRa1 pic.twitter.com/YHod2nJENm
— Firstpost (@firstpost) March 28, 2015

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