गुप्ता जी कहिन
एक बार फिर मेरी मुलाकात गुप्ता जी से हुई,
जब वे मेरे घर आ पहुँचे ।इस बार उनकी शिकायत का विषय है –शरद यादव के वचन । उनके
अनुसार जब से शरद यादव ने संसद में दक्षिण भारतीय महिलाओं के लिए सुंदर शब्द का प्रयोग किया है, हर ओर उसी को लेकर उनकी खिल्ली उड़ रही है ।चाहे, वो संसद के अंदर हो या फिर खबरिया चैनलों के भीतर, हर जगह मानों शरद यादव ही दोषी मानें जा
रहे हैं ।
उनका कहना है कि उसने ऐसा क्या कह दिया है जो इतना विवाद गरमाया हुआ है ? अगर किसी को सुंदर कहने
से किसी को बुरा लगे ,तो ये वाकई में मेरी समझ के बाहर है ।उन्होंने फिर कहा- एक
बार इसी तरह मैनें तुम्हारी भाभी को सुंदर के बजाए बदसूरत कह दिया था , तो उसके
एवज़ में मुझे एक सप्ताह भोजन तक के लाले पड़ गए थे ।यहाँ तो फिर भी उसने सुंदर ही
कहा है ।
फिर,मैनें उनको समझाया कि किस संबंध में उसने
इस शब्द का इस्तेमाल किया है , तो वो बोले कि अगर ऐसा है तो उसे माफी मांग लेनी चाहिए
।हालांकि, अब मैं उनको क्या समझाऊँ कि ये नाक की लड़ाई बन गई है , जहाँ कोई अपने
आप को कम नहीं आंकता है ।
धन्यवाद
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