नमस्कार
एनडीटीवी पर एक ख़बर देख रहा था...जहाँ एक
व्यक्ति को उसके पेंशन की रकम 22 सालों के बाद जाकर मिली है ।दिल्ली डेव्हलपमेंट आथोर्टी
वालों को भी इसकी जानकारी नहीं थी ।परिमल कुमार की ये रिपोर्ट वाकई में यह साबित
करती है की ...भले ही अधिकारी आए-जाएं पर स्थिती समान्यत: वैसी- की- वैसी ही रहती है, जो पहले थी ।सरकार
भी बदल जाएं, पर परिस्थिती नहीं बदलती है ।
उधर इन सब बातों से बेख़बर, केजरीवाल सरकार
की दिक्क्त खत्म नहीं हो रही है ।कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने केजरीवाल
पर आरोप लगाया.. की उन्होंने फोन पर उनसे कांग्रेस पार्टी के छह: नेता को तोड़ने के लिए
कहा..ताकी वे बाहर से उन्हें समर्थन देदें ।आवाज़ तो बिलकुल केजरीवाल की ही लगती है
।अगर ऐसा है तो दाल में कुछ काला तो ज़रूर है ।ख़ैर केजरीवाल बेंगलुरू में अपना
ईलाज़ करवा रहे हैं ।पर जब वो वापस आएंगे तो उन्हें कई सवालों का सामना करना होगा
।
धन्यवाद
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