मसऱत आलम ने बीजेपी के उड़ाए होश


भले ही बीजेपी अच्छे दिन लाने का वादा कर रही हो ...पर मसऱत आलम की आज़ादी ने बुरे दिन  की ओर ईशारा करना शुरू कर दिया है ।ये क्या हो गया है, उस पार्टी को जिसने कभी आतंकवाद को मिटाने का बेड़ा उठाया था ...पर शाय़द वो बेड़ा ही उस पार्टी के लिए बेड़ी साबित हो रहा है ।

जब से सरकार ने पीडीपी के साथ गठबंधन साधा है...उसकी मनमानी के आगे बाजेपी को झुकना पड़ रहा है ।अभी हाल ही में इसका एक बुरा परिणाम तब देखने को मिला, जब पीडीपी ने मनमाने तरीके से हुर्रियत संगठन के आतंकी मसरत आलम को आजाद कर दिया ।इससे साफ जाहिर होता है की सरकार पीडीपी के सामने कमज़ोर नज़र आ रही है ।

अब सरकार को कुछ तो करना होगा, जिससे उसकी शाख़ की निलामी न हो ।उसे ये साबित करना होगा की आतंक को जड़ से मिटाने के उनके ईरादे अब भी उतने ही मौजूद हैं..जितने पहले थे ।अगर ऐसा नहीं हुआ तो, ये भारत के इतिहास में ये पहली बार होगा जब किसी सरकार के साथ ऐसी स्थिती आई हो ।

कोई राज्य-सरकार इतनी कैसे गिर सकती है, की एक आतंकी को अपना दोस्त बना ले ।

धन्यवाद

चित्र शिष्टाचार: twocircles.net











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