आपका स्वागत है


जहाँ एक ओर आप ने योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी निकाला कर दिया है , तो वहीं कोई और है जो उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने को राजी है ।जी हाँ , वो कोई और नहीं बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के मुखिया रामदास अठावले हैं ।जब कल पार्टी ने उन दोनों का ही चलाचली कर दिया, तो आज अठावले जी ने उन्हें सहारा देने का प्रयास किया है । पर भ्रमित कर देने वाली बात ये है कि आज अचानक रामदास अठावले जी को उन दोनों की जरूरत क्यों आन पड़ी  है ।

ये दाल है या फिर काली दाल ,ये तो मुझे पता नहीं ।पर राजनीति का खेल बहुत निराला है ,यहाँ कुछ भी हो सकता है ।उधर रामदास अठावले जी ने ये भी कहा- योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण, दोनों ही पार्टी के प्रमुख चहरें थे । और दोनों ने ही बहुमूल्य योगदान दिया है पार्टी की इस दिल्ली लोकसभा जीत में ।तो फिर, उनको निकाला जाना कहाँ तक सही है ?

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वे उन्हें आरपीआई के साथ जोड़ना चाहते हैं ।रामदास अठावले का मानना है कि उनकी पार्टी अम्बेडकर के सिखाए सिद्धांतो के समीप है जो उन्हें लोगों के बीच आम बनाती है ।

तो, एक तरह से रामदास अठावले जी के अनुसार, उनकी ये पार्टी भी आम आदमी पार्टी की तरह ही है ।


फिलहाल, इस विषय पर दोनों (योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण) का उत्तर आना अभी बांकी है ।अब देखना ये है कि वे क्या फैसला लेते हैं ? 

फोटो आभार:  indian express

    

Comments

Popular posts from this blog

सड़क का डॅान कौन ?