पीडीपी और बीजेपी ने साझा नाता


आखिरकार जम्मू कश्मीर में पीडीपी और बीजेपी ने नाता साझ ही लिया ।मुफ्ति मोहम्मद सयीद की अगुआई में पीडेपी ने बीजेपी के साथ हाथ मिलाकर सरकार का निर्माण कर लिया है ।भले ही बीजेपी चुनाव से पहले अपने डायलॅग बाजी में कई बार जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाने की बात की हो...लेकिन चुनाव के बाद उनका इस विषय पर रूख नऱम पड़ता दिख रहा है ।जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने पहले ही जता दिया है की 370 वाले मामले में वो किसी की सुनने वाले नहीं है ।

बीजेपी के साथ गठबंधन से पहले उनकी शर्त थी की इस विषय पर आखिरी फैसला उनका हो...जो शायद बीजेपी ने कबूल कर लिया है तभी तो इतनी जद्दोजह़द के बाद वहाँ सरकार बन पायी है ।हाॅलांकी अफ्सपा को हटाए जाने के बात पर दोनों पार्टियों के बीच में जरूर चर्चा हुई होगी ..लेकिन बीजेपी के रूख को देखकर आप सोच ही सकते हैं की फैसला किस ओर गया है ।

उधर आर.एस.एस बीजेपी के नऱम रूख़ से काफी ख़फा है ।उनका ये मानना है की सरकार को इस मामले पर कड़ा रूख़ अपनाना चाहिए था ।उनका ये भी मानना है की इससे तो बीजेपी देश को किया हुआ वादा जिसमें उन्होंने 370 को हटाने की बात की है ...उससे बिलकुल ही मुकड़ जाएगी ।


एक अख़बार को दिए हुए बयान में आर.एस.एस के मुखिया, मोहन भागवत ने कहा है की .....बीजेपी को पीडेपी के साथ हाथ मिलाने से पहले 370 विषय पर अंतिम निर्णय ले लेना चाहिए था ।क्योंकि ये मामला गंभीर है तो इस पर सही तरीके से निर्णय हो जाए तो अच्छा है ।


जहाँ एक तरफ बीजेपी और आर.एस.एस में विचारिक मतभेद की बात सामने आ रही है ...तो उधर नेशनल कांग्रेस के मुखिया और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ,उमर अबदुल्ला ने ट्वीट किया है की बीजेपी –पीडीपी की गठबंधन से एक बात तो साफ हो गयी है की इसकी राजधानी बदलकर नागपुर होने वाली है जहाँ आर.एस.एस का गड़ है ।इसारा साफ है की बीजेपी की चाभी आर.एस.एस को बताया जा रहा है ।


सारा मामला सुलझता हुआ मालूम हो रहा था की...एक नया विवाद सामने आ गया है ।मुफ्ती मोहम्मद शयीद ने अपनी दस्तारबंदी के दिन ही एक ऐसा बयान दे दिया... जिससे सारा विवाद खऱा हो गया है ।उन्होंने चुनाव की सफतला का सारा शृय आतंकी संगठनो को दे दिया।


कांग्रेस ने इस पर बीजेपी की चुटकी लिया है ।कांग्रेसी नेता शकील अहमद की मानें तो ये सरासर आतंकी संगठनों की महिमामंडण करने का मामला हुआ है ।इस बयान से आतंकीयों को और ज्य़ादा बढ़ावा मिल सकता है ।उधऱ सामना में उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के रूख़ पर सवाल खड़े किए हैं ।उनकी मानें तो बीजेपी सही फैसला करने में असमर्थ साबित हो रही है ।


अगर सही तरीके इन पूरी बातों का विवरण करें तो बीजेपी धिरती हुई नज़र आ रही है ।मामला साफ है की सरकार किसी भी तरीके से अपने सम्राज्य का विस्तार करना चाह रही है ...चाहे उसके लिए उसे किसी की भी फटकार झेलनी पड़े ।

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